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शैक्षणिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने को लेकर लम्बे समय से की जा रही महत्वपूर्ण मांग के लिए एबीवीपी जेएनयू ने शोधार्थियों व छात्रों के कैम्पस में चरणबद्ध वापसी के लिये प्रशासन को एक सामूहिक ईमेल भेजने का अभियान शुरू किया है।

22 जून 2020 को अभाविप द्वारा एकेडमिक काउंसिल को दिए गए ज्ञापन का जेएनयू प्रशासन की तरफ से किसी प्रकार का जवाब नहीं आया है। अभाविप जेनएयू ने निरंतर कुलपति, डीन ऑफ स्टूडेंट्स एवम रजिस्ट्रार को लगातार ज्ञापन दिए है ताकि छात्रों की चरणबद्ध रूप से वापसी शुरू हो सके। परन्तु गृह मंत्रालय से निर्देश आने के बाद भी इस संदर्भ में प्रशासन के अंदर किसी प्रकार की रुचि ना देख कर एबीवीपी ने मास इमेलिंग अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत छात्र निम्न लिंक का प्रयोग करके सीधा प्रशासन को ईमेल भेज कर उनके नकारात्मक रुख के प्रति विरोध जता सकते हैं और प्रशासन को अपनी जायज़ मांगों प्रति अवगत करा सकें।
(http://abvpjnu.htmlsave.net)
इस अभियान को लेकर जेएनयू छात्रों की तरफ से खासा उत्साह देखा गया है क्योंकि छात्र चाहते हैं कि शैक्षिक गतिविधियों के लिए विश्वविद्यालय परिसर जल्द से जल्द शुरू हो।

शिवम चौरसिया, अध्यक्ष अभाविप जेएनयू ने कहा, _”6 माह से अधिक समय से छात्र अपनी शोध लैबोरेटरी व होस्टल में रखे जरूरी सामान से दूर हैं। और कैम्पस को फिर शुरू करने की मांग की जा रही है परंतु प्रशासन की तरफ से न तो कोई उत्तर आ रहा है ना ही चरणबद्ध तरीके से खोलने के संदर्भ में कोई प्रावधान लिए जा रहे हैं। इसलिए प्रशासन को इस संदर्भ में अनेकों ईमेल किये रहे है और ताकि लोकतांत्रिक तरीके से इस जन अभियान का जवाब दे।”

गोविंद दांगी, मंत्री अभाविप जेएनयू ने कहा, ” प्रशासन को छात्रहित में फैसले लेने चाहिए जिससे छात्र अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को पुनः शुरू कर सकें। अगर प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक समाधान नहीं मिलता है तो फिर हम आगे जरूरत के हिसाब से कड़े कदम उठाने को बाध्य होंगे।”

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