केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए मनोदर्पण पहल की शुरुआत की. इस पहल का लक्ष्य छात्रों को मानसिक अवसाद से जुड़े समस्याओं का निवारण करना है. पोखरियाल निशंक ने मनोदर्पण पहल के रुप में एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन-8448440632,पोर्टल पर मनोदर्पण का एक विशेष पेज और मनोदर्पण नामक एक पुस्तिका का भी उद्घाटन किया.

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि कोविड-19 दुनिया भर में जाहिर तौर पर सभी के लिए चुनौतीपूर्ण समय है. यह वैश्विक महामारी न केवल चिकित्सा संबंधी एक गंभीर चिंता है,बल्कि सभी के लिए मिश्रित भावनाएं और मनो-सामाजिक तनाव भी लाती है. उन्होंने कहा कि बच्चों और किशारों पर विशेष ध्यान देने के बाद भी उनमें मानसिक स्वास्थ्य चिंताएं दिखने लगती हैं जो अक्सर ऐसी स्थितियों में दर्ज की जाती हैं. इस तरह की मानसिक बीमारी के लिए बच्चे और किशोर अधिक आसान लक्ष्य हो सकते हैं और वे इस माहौल में अन्य भावनात्मक और व्यवहार संबंधी बदलावों के साथ तनाव,चिंता और भय के उच्चतम स्तर का अनुभव कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने महसूस किया है कि जहां शैक्षिणक मोर्चे पर निरतंर शिक्षा देना महत्वपूर्ण है,वहीं छात्रों की मानसिक तंदुरुस्ती को भी बनाए रखने पर समान जोर दिया जाना चाहिए. इसलिए मंत्रालय ने मनोदर्पण नाम से एक पहल की शुरुआत की है,जिसमें कोविड महामारी के दौरान और उसके बाद भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बनाए रखने के लिए उन्हें मनो-सामाजिक सहायता प्रदान हेतु विभिन्न तरह की गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल की गई है.

उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और मनो-सामाजिक मुद्दों से जुड़े विशेषज्ञों का एक कार्यकारी समूह गठित किया गया है,जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और छात्रों की चिंताओं पर नजर रखेगा और परामर्श सेवाएं,ऑनलाइन संसाधनों और हेल्पलाइन के माध्यम से कोविड-19 की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और मनो-सामजिक पहलुओं से निपटने में मदद उपलब्ध कराएगा.

पोखरियाल ने कहा कि कोविड-19 के दौरान और उसके बाद भी छात्रों की मदद के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेब-साइट पर मनोदर्पण-मानसिक स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती नाम से एक वेब पेज बनाया गया है. इस वेब-पेज पर सलाहकार,व्यावहारिक सुझाव,पोस्टर,पॉडकास्ट,विडियो मनोसमाजिक मदद के लिए क्या करें और क्या न करें की सूची,एफएक्यू और ऑनलाइन पूछताछ प्रणाली मौजूद हैं.

कार्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी ने बच्चों के साथ-साथ वयस्कों को भी मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक रुप से प्रभावित किया है. ऐसे माहौल में हमें संगठित और संस्थागत मदद की जरुरत है. उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का समाज और उसके तंदुरुस्ती सदस्यों की तंदुरुस्ती और उत्पादकता के साथ पारस्परिक संबंध है. इसलिए इस तरह के महौल में हम लोगों को तंदुरुस्ती और उनके बेहतर कामकाज के लिए आवश्यक है कि हम एक अधिक सांमजस्यपूर्ण और परस्पर निर्भर समाज के रुप में आगे आएं.

मनोदर्पण वेबसाइट के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: http://manodarpan.mhrd.gov.in/

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