मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने CII के 125 साल होने के अवसर पर CII संगठन के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब जरुरत है कि देश में ऐसे उत्पाद बने जो Made in India हों, Made for the World हों। कैसे हम देश का आयात कम से कम करें, इसे लेकर क्या नए लक्ष्य तय किए जा सकते हैं, हमें तमाम सेक्टर्स में उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्पादन बढ़ाने ही होंगे। यहीं संदेश आज में इंडस्ट्री को देना चाहता हूं।

उन्होंने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया का तीसरा बड़ा देश,जिसके पास कोयले का भंडार हो,जिसके पास आप जैसे साहसी और उद्यमी, व्यापार जगत के लीडर्स हो, लेकिन फिर भी उस देश में बाहर से कोयला आए, तो इसका कारण क्या है? कभी सरकार रुकावट बन रही, कभी नीतियां रुकावट बनी रही। अब सरकार ने कोल सेक्टर को इन बंधनों से मुक्त करने का काम शुरु कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने MSME सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा कि MSME सेक्टर की लाखों यूनिट्स हमारे देश के लिए अर्थव्यवस्था की इंजन की तरह हैं। इनका देश की जीडीपी में बहुत बड़ा योगदान है, ये करीब-करीब 30 परसेंट का हैं। देश में MSME सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों साथियों को लाभ हों, इसके लिए 200 करोड़ रुपए तक का सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर्स को खत्म कर दिया गया है। इससे हमारे छोटे उद्योगों को ज्यादा अवसर मिल पाएंगे। एक तरह से आत्मनिर्भर भारत पैकेज MSME सेक्टर के इंजन के लिए इधन का काम करने वाला है।

प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस माहामारी का जिक्र करते हुए कहा कि आज हम एक तरफ इस वायरस से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने हैं। वहीं, दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था का भी ध्यान रखना है। अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, हमारी प्राथमिकताओं में से एक है।
इसके लिए सरकार के तरफ से ऐसे फैसले लिए गए है, जो लंबे समय तक देश की मदद करेंगे।

प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत करीब 74 करोड़ लाभार्थियों तक राशन पहुंचाया गया हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए फ्री में राशन पहुंचाया जा रहा हैं। गरीब परिवारों को 53 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि का आर्थिक सहयोग किया गया हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत एक दिन में 3 लाख PPE किट बना रहा है, तो ये हमारे उद्योग जगत का ही सामर्थ्य है।

उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए CII के सदस्यों से आग्रह किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश और किसानों के साथ पार्टनरशिप का रास्ता खुल गया हैं, आप पूरा लाभ उठाएं। अब तो गांव के पास ही लोकल एग्रो प्रोडक्टस के क्लस्टर्स के लिए जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इसमें CII के तमाम मेंबर्स के लिए बहुत मौके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार में शहरों में प्रावसियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए जिस रेंटल स्कीम की घोषणा की है, उसमें भी आप साथियों को मैं सक्रिय भागींदारी के लिए आमंत्रित करता हूं।

आत्मनिर्भर भारत अभियान पर जोर देते उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्राइवेट सेक्टर को देश की विकासयात्रा का पार्टनर मानती है। आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी हर आवश्कता को ध्यान रखा जाएगा। CII के सदस्यों से उन्होंने अनुरोध किया कि हम साथ मिलकर आत्म निर्भर भारत बनाएंगे। आइए,देश को आत्म निर्भर बनाने का संकल्प लें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दें। सरकार आपके साथ खड़ी है, आप देश के लक्ष्यों के साथ खड़े होइए।

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