स्रोत: ANI

शांभवी शुक्ला

Covid-19 महामारी के बाद पहले से चरमरा चुकी अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए आरबीआई एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं। इसके तहत आरबीआई की ओर से बड़े ऐलान किए गए हैं। शुक्रवार की दोपहर आरबीआई के गवर्नर शक्ति कांत दास ने इस बात की घोषणा की।

उनका कहना था कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की ओर से यह कदम उठाए गए हैं। आरबीआई इकोनामिक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए उदार तरीका अपना रहा है। प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए नीतिगत दरों में कटौती की जा सकती है। इस साल में यह मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की पांचवी बैठक है। जिसमें फैसले लिए गए हैं।

आरटीजीएस की सुविधा दिसंबर से 24 घंटे शुरू कर दी जाएगी। आरटीजीएस बैंकों के सभी कार्यदिवसों में सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक खुला रहता है। रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमत 80 फ़ीसदी तक के कर्ज पर 35 फ़ीसदी की वृद्धि के आधार पर पूंजी का प्रावधान रखने का निर्देश दिया गया है। 90 फ़ीसदी तक के कर्ज के लिए 50 फ़ीसदी तय किया गया है।

बाजार को लेकर रिजर्व बैंक की ओर से अगले हफ्ते खुले बाजार परिचालन के तहत 20 हज़ार करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे।रेपो रेट को 4 फ़ीसदी और रिवर्स रेपो रेट को 3.35 बिजली पर बरकरार रखने का फैसला किया है। बीते अगस्त महीने में भी कोई बदलाव नहीं किए गए थे।

जीडीपी में चालू वित्तीय वर्ष में 9.5 फ़ीसदी की गिरावट का अनुमान है। पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फ़ीसदी की गिरावट आई है। 2020- 21 की चौथी तिमाही में चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ‌

खाद्यान्न उत्पाद के मामले में भारत इस बार धनी रहने वाला है।
खरीफ फसलों का रकबा बढ़ा है और रवि फसलों का भी आउटलुक अच्छा देखा गया है।

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