स्त्रोत: गूगल।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लॉकडाउन के दौरान होने वाली शराब की बिक्री पर स्पष्टता की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में लॉकडाउन में शराब की बिक्री के वक़्त सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने की मांग की गयी थी। हालांकि अब कोर्ट ने राज्य सरकारों को शराब की होम डिलीवरी पर विचार करने के लिए कहा है।

जस्टिस अशोक भूषण इस बेंच की अध्यक्षता कर रहे हैं।याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि, ‘हम ऐसा कोई भी आदेश पारित नहीं करने जा रहे हैं, लेकिन राज्यों को सोशल डिस्टेंसिनग को बनाए रखने के लिए शराब की अप्रत्यक्ष बिक्री/ होम डिलीवरी पर जरूर विचार करना चाहिए।’

सरकार द्वारा लॉकडाउन 3.0 में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकारों को चार मई से शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दे दी गयी थी। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट तौर पर कहा था कि शराब की दुकानों के बाहर बिक्री के समय सोशल डिस्टेंसिंग का उचित पालन किया जाना चाहिए। लेकिन इसके बाद भी बिक्री के पहले ही दिन से कई जगह लंबी-लंबी कतारें देखी गई थी जिसमें किसी भी प्रकार की समाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा गया था।

राज्यों ने दिया होम डिलीवरी का सुझाव:

राज्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए होम डिलीवरी का सुझाव दिया है। पंजाब, छत्तीसगढ़ ने शराब की होम डिलीवरी का विकल्प दिया है। पंजाब में 7 अप्रैल से शराब की होम डिलीवरी शुरू हो गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में 120 रुपये ज्यादा देकर शराब की होम डिलीवरी लोग कर सकते हैं।

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