भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिम बंगाल और उड़ीसा को अलर्ट जारी कर मछुआरों को मछली पकड़ने और उससे जुड़ी सभी गतिविधियों को 20 मई तक टालने को कहा है। विभाग द्वारा ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 6 में में 1 जिला इस तूफान से प्रभावित जरूर होगा। इसके साथ ही मंगलवार सुबह गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अम्फान तूफान के बारे में बात की है। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया है कि केंद्र इस तूफान से बचाने के लिए राज्य की हर तरह से मदद करेगा।

मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि यह तूफान मंगलवार दोपहर या बुधवार शाम में अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेकर पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों से टकराएगा। इसकी गति मंगलवार शाम तक घट सकती है। यह घटकर 200 से 210 किलोमीटर प्रति घंटे रह जाएगी जिसमें कभी-कभी 230 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रचंड हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिम बंगाल में तूफान से बचने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। ताजपुर और पूर्वी मेदिनीपुर में अम्फान चक्रवात के मद्देनजर नागरिकों द्वारा तट पर अस्थायी बाड़ भी लगाया जा रहा है।

सोमवार को दिल्ली में मौसम विभाग डीजी मृत्युंजय महापात्र ने बताया था कि एम्फान में धूल नहीं होगी। इसका कारण उन्होंने नमी को बताया। उन्होंने कहा, तटीय क्षेत्रों में आने वाले चक्रवात समुद्र से आते हैं इसलिए इनमें नमी बहुत ज्यादा होती है। जहां ये जाते हैं वहां तेज हवा के साथ बारिश होती है। इसके साथ इनकी वायु गति भी बहुत ज्यादा होती है। 12 घंटों के अंदर अम्फान तूफान के सुपर चक्रवात में बदलने की उम्मीद लगाई जा रही थी।

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