स्रोत - ANI

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर बात की और सहयोग मांगा। अरविंद केजरीवाल ने इसकी जानकारी ट्वीट कर दी। उन्होंने लिखा कि गृह मंत्री ने हमें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि वह अब बिल्कुल ठीक हैं और उनके लिए दुआ करने वालों का धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली कोरोना से कैसे लड़ेगी और उसके लिए आगे कैसे तैयारी करनी है इसके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना के केसेस अब बहुत तेजी से बढ़ने लगे हैं। अगर हमें अपने आप को संक्रमण से बचाना है तो हमें इन तीन चीजों को जन आंदोलन बनाना होगा – मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और साबुन से हाथ धोना।

केजरीवाल ने यह भी बताया कि दिल्ली की कैबिनेट ने जो निर्णय लिया था जिसमें दिल्ली में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज होने की बात कही गयी थी, उसे एलजी ने पलट दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना हमारे लिए चुनौती जरूर है, लेकिन हम इसका डटकर मुकाबला करेंगे।

इसके बाद बुधवार शाम उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जितने बेड दिल्ली के लोगों के लिए चाहिए होंगे, उतने ही बेड दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए चाहिए होंगे। ये बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन हम पूरी कोशिश करेंगे। हम होटल्स, स्टेडीयम्स को तैयार करवाएँगे। इसके लिए मैं ख़ुद ज़मीन पर उतरूँगा। हमारी नीयत, कोशिश में कमी नज़र नहीं आएगी।

दिल्ली से बाहर के मरीज आये तो होगी डेढ़ लाख बेड की जरूरत:
अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि “जैसा मैंने कहा था कि 15 जुलाई तक दिल्ली में 33000 बेड की जरूरत होगी। अगर सामान्य वक्त की करें जब कोरोना नहीं था तब दिल्ली के अस्पतालों में 50 प्रतिशत मरीज दिल्ली के बाहर से आते थे। दिल्ली के बाहर से आने वालों के लिए उतने ही बेड चाहिए होंगे जितने दिल्लीवालों के लिए। यानी 15 जुलाई तक लगभग 65000 बेड की जरूरत दिल्ली में होने वाली है। इसी तरह हमें 31 जुलाई तक डेढ़ लाख बेड की जरूरत होगी।”

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