भूमिपूजन के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने सम्बोधन दिया।

जानें क्या कुछ कहा उन्होंने:

  • सबसे पहले उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत में सभी संतों का नाम लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का नाम लिया और कहा कि यह आनन्द का क्षण है। आज यह एक संकल्प पूरा हुआ है।
  • बाला साहब देवरस जी ने हमें यह बात बताई थी कि यह लम्बा संघर्ष चलेगा। आज इतने साल बाद यह पूरा हो रहा है।
  •  कोरोना के चलते सभी को बुलाया नहीं जा सकता है। लेकिन यह पूरे देश में आनन्द का क्षण है।
  • भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस आत्मविश्वास की आवश्यकता थी उसका शुभारंभ हो रहा है।
  • यह एक आत्मविश्वास का अनुष्ठान है। वसुधैव कुटुंबकम का भाव हमेशा भारत का विचार रहा।
  •  सबको साथ आगे लेकर चलने का अनुष्ठान आज यहाँ बन रहा है।
  • अशोक सिंघल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सबका कल्याण करने वाला भारत का शुभारंभ आज हो रहा है। इस आनंद में एक स्वर है एक उत्साह है।
  • भारत दुनिया को इस संकट में एक नया रास्ता दिखाएगा ..उसका शुभारंभ आज है। सब राम के हैं और सबमें राम हैं। अपने मन की अयोध्या को सजाना और संवारना है।
  • हिन्दू धर्म सबको अपना मानने वाला धर्म है।  मंदिर के पूर्ण होने से पहले मन मंदिर होना चाहिए।
  • सभी शत्रुता से मुक्त हमें होना होगा। ह्रदय से सब प्रकार की कलेष मुक्त होना होगा। आज यह काम बहुत समर्थ हाथों से हुआ है।

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