यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के आस्था एवं स्वाभिमान के प्रतीक माने जाने वाले श्री परशुराम और अन्य सभी जातियों और धर्मों में जन्में महान संत गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर भी बड़ी संख्या में आधुनिक अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा।

सपा को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सपा द्वारा श्री परशुराम की ऊंची प्रतिमा लगाने की भी बात केवल केवल चुनावी स्वार्थ है,जबकि ब्राह्मण समाज को बसपा की कथनी और करनी मैं पूरा भरोसा है कि बसपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज की इस चाहत के मद्देनजर श्री परशुराम की प्रतिमा, हर मामले में सपा की तुलना से ज्यादा ही भव्य लगाई जाएगी।

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अपराधिक घटनाओं पर योगी सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा,” ‘रामराज्य’ की बड़ी-बड़ी बातें करना ही काफी नहीं है। यूपी में लगातार जारी अपराधियों के जंगलराज को समाप्त करने के लिए योगी सरकार बसपा की तरह कानून द्वारा कानून का राज स्थापित करने की पहल करे तो बेहतर होगा।”

सपा पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि दलित व अन्य पिछड़े वर्गों में जन्मे महान संतो, गुरुओं और महापुरुषों के आदर-सम्मान में जो अनेकों जनहित की योजनाएं और कुछ नये जिले आदि बनाकर उन जिलों के नाम भी इनके नाम पर रखे गये थे,जिसमें से अधिकतर का समाजवादी पार्टी की सरकार और उसके मुखिया की अति शर्मनाक और द्वेष भावना के चलते बदल दिया गया था, उन्हें फिर से बसपा की सरकार बनते ही बहाल किया जाएगा।

मायावती ने कहा कि 5 अगस्त को राम-मंदिर निर्माण की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई है, जिसमें दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले राष्ट्रपति को भी बुला लेते और पीएम मोदी उनको अपने साथ ले जाते तो अच्छा होता व इसका अच्छा मैसेज भी जाता।

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