स्रोत: गूगल

शांभवी शुक्ला

कोरोना के बढ़ते प्रकोप से दुनिया परेशान है।जैसे जैसे कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है।वहीं वैक्सीन का इंतजार भी तेज़ हो गया है।जैसा की पहले से जानकारी मिल रही थी कि संसद के मॉनसून सत्र में इस पर चर्चा हो सकती है।आज सत्र के चौथे दिन स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोरोना वैक्सीन पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यसभा में उठे सवालों का जवाब दिया। इन सभी सवालों में सबसे अधिक वैक्सीन पर जोर दिया गया था।उन्होंने बताया कि जुलाई अगस्त में अनुमान था कि 30 करोड़ मामले सामने आ सकते हैं।वहीं मौत का आंकड़ा 50-60 लाख़ के पार पहुंच सकता है। इसकी अपेक्षा स्थिति में काफी सुधार है।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत में 11 लाख़ टेस्ट रोज हो रहे हैं।दुनिया में सबसे ज्यादा टेस्ट अमेरिका में किए जा रहे हैं,जिसकी संख्या 5 करोड़ है।जल्द ही भारत अमेरिका को पीछे छोड़ देगा। उनके अनुसार भारत ने कोरोना के इंतजाम में बिल्कुल देरी नहीं की।सरकार ने 8 जनवरी से ही बैठकें लेनी शुरू कर दी थी।

मौत दर पर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन का कहना था कि अन्य देशों की तुलना में भारत में यह सबसे कम 1.64 फ़ीसदी है।सरकार का लक्ष्य है कि इसको और घटाना जाए।मामलों में भले तेज़ी है लेकिन अस्पतालों में इलाज कराने वालों की संख्या कम है।

वहीं वैक्सीन के बारे में डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में भी वैक्सीन बनाने की कोशिश चल रही है।अगले साल की शुरुवात में भारत में भी वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।

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