स्रोत: दैनिक भास्कर

Rizu bhagat

स्थायीकरण की मांग को लेकर 12 सितंबर से चल रहे झारखंड के सहायक पुलिस कर्मियों का आंदोलन बुधवार शाम 07 बजे खत्म हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेंन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के अपील पर आंदोलरत सहायक पुलिस कर्मी मंत्री मिथिलेश ठाकुर के आवास पर वार्ता करने पहुँचे, वार्ता सफल होने पर आंदोलरत सहायक पुलिस कर्मी ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
बुधवार दिन के 11 बजे के करीब सहायक पुलिसकर्मियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंत्री से वार्ता के लिए गये थे। घंटों सहायक पुलिसकर्मियों से वार्ता करने के बाद मंत्री मिथिलेश ठाकुर मुख्यमंत्री से मिल कर लौटे और उसके बाद वार्ता करने के बाद शाम 5 बजे 2 साल की सेवा अवधि विस्तार एवं वेतन वृद्धि के लिए सचिव स्तर की कमेटी द्वारा निर्णय लेने की बात कही, और इस कमेटी मे 4 आइएएस व एक डीजीपी स्तर के अधिकारी होंगे जो की 15 दिनों बाद सहायक पुलिसकर्मियों के वेतन वृद्धि समेत अन्य भत्ता की जानकारी देंगे। जिसके बाद सभी सहायक पुलिसकर्मी मान गये।
मालूम हो की स्थायीकरण की मांग को लेकर 12 सितम्बर, 2020 से नक्सल प्रभावित 12 जिलों के 2350 सहायक पुलिस कर्मी रांची के मोरहाबादी मैदान मे आंदोलन कर रहे थे। हालांकि सहायक पुलिस कर्मियो ने यह भी कहा है कि यदि 15 दिनों के अंदर उनके हक मे सम्मानजनक फैसला नहीं होता है तो फिर से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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