उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगरा में कथित ऊंची जाति के लोगों द्वारा एक दलित महिला का अपनी जमीन पर अंतिम संस्कार रोके जाने को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि यू.पी. में आगरा के पास एक दलित महिला का शव वहाँ जातिवादी मानसिकता रखने वाले उच्च वर्गों के लोगों ने इसलिए चिता से हटा दिया, क्योंकि वह शमशान-घाट उच्च वर्गों का था, जो यह अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय भी है.

मायावती ने इस घटना को लेकर यूपी सरकार से जांच मांग की. उन्होंने मांग कि सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिये तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये, ताकि प्रदेश में ऐसी घटना की फिर से पुनरावृति ना हो सकें.

क्या है मामला

The Lallantop की एक रिर्पोट के मुताबिक यह घटना 21 जुलाई की आगरा के अछनेरा थाने के रायभा गांव की है. यहां पर एक दलित महिला की बीमारी से मौत हो गई थी. उसके अंतिम संस्कार के दौरान विवाद हो गया. महिला के परिवारवालों का कहना है शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान में ले जाया गया. वहां सारी तैयारियां हो चुकी थीं. शव को चिता पर भी रख दिया गया था. इसी बीच गांव में रहने वाले दूसरी जाति के लोग मौके पर पहुंच गए.उन्होंने अंतिम संस्कार को रुकवा दिया.

NDTV के वरिष्ठ पत्रकार इस मामले पर ट्वीट करके कहते हैं, “शमशान में भी जातिवाद. दलित महिला का शव ऊंची जाति वालों ने चिता से उठवा दिया. कहा उनके श्मशान में अंतिम संस्कार नहीं कर सकते।दूसरी जगह शव जलाना पड़ा.” https://twitter.com/kamalkhan_NDTV/status/1287104241140510720?s=19

इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है. इस मामले में आगरा एसएसपी का कहना है कि अछनेरा के सीओ को मामले की जांच करने को कहा गया है. उनकी रिर्पोट के आधार पर दोषी कार्रवाई की जाएगी.

The Lallantop के मुताबिक, मृतक महिला के ससुर ब्रजपाल का आरोप है कि गांव के ठाकुरों ने वहां पर अतिंम संस्कार नहीं होने दिया. उन्होंने लकड़ी से शव को हटवा दिया. हमने विनती की लेकिन वे अड़ गए थे. पुलिस के आने के बाद भी अंतिम संस्कार वहां नहीं होने दिया गया.

Leave a Reply