नागपंचमी (Nagpanchami) के दिन कितनी हलचल होती थी … असल में खेलने का उत्साह अगर किसी दिन चरम पर होता था तो वह आज कर दिन था …ख़ेल का मतलब क्रिकेट और फुटबाल नहीं … बल्कि हमारा शुद्ध देशी खेल जैसे कबड्डी, कुश्ती …. कई बार तो हम लोग दौड़ भी लगाते थे … जब खेलकर थक जाते तब तालाब में नहाने का जो मजा मिलता वो स्विमिंग पूल में कहा …लेकिन इस बार सबकुछ ठप्प है ….कोरोना के कारण न कुश्ती हो रही है और ना ही कबड्डी …जागृति राय के साथ सुनिए वह कहानी जो बड़े बुजुर्ग नागपंचमी के विषय में सुनाते हैं

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