हमारे पास दो विकल्प थे या तो हम खाने के लिए रोटियां रखते या फिर दुश्मनों को मारने के लिए गोलियाँ ….. हमने गोलियाँ चुनी …क्योंकि हमें भूखे मर जाना पसंद था लेकिन दुश्मन की गोलियों से नहीं ….यह कहानी है कारगिल युद्ध के उन वीर जवानों की जिन्होंने शौर्य से साहस की नई परिभाषा लिखी …..सुनिए कारगिल (Kargil War) की विजय गाथा तरुण के साथ

Leave a Reply