प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश की जनता से रेडियो के माध्यम से ‘मन की बात’ की। प्रधानमंत्री ने तीसरी बार देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब लॉकडाउन धीरे-धीरे खुल रहा है इसलिए हमें और भी ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। कोरोना वायरस, इनोवेशन, कोरोना वायरस टीका, दो गज दूरी, प्रवासी श्रमिक, टिड्डी का हमला जैसे सभी विषयों पर बातवकी।इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बाकी देशों से तुलना की जाए तो भारत में कोरोना ज्यादा नहीं फैला है।

1. कोरोना और उसकी वैक्सीन
सबसे पहले कोरोना पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम एक ऐसी आपदा का सामना कर रहे हैं जिसका पूरी दुनिया के पास अभी तक कोई इलाज नहीं है। पहले कभी हमने ऐसी बीमारी नहीं देखी। किसी को इसका अनुभव नहीं है। ऐसे में हम नई चुनौतियां, परेशानियां अनुभव कर रहे हैं। सबके के लिए जरूरी है कि हम सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ें। दूसरे देशों की तुलना में हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कोरोना की वैक्सीन का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के लिए दुनियाभर की लैब्स में काम चल रहा है।

2. दो गज की दूरी
दो गज की दूरी का ख्याल रखने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई दुकानदारों ने दो गज की दूरी के लिए बड़े पाइप लगाए हैं, जिसमें एक छोर से वो ऊपर से सामान डालते हैं और दूसरी छोर से ग्राहक अपना सामान ले लेते हैं।

3. प्रवासी श्रमिक और आत्मनिर्भर भारत
लाखों श्रमिकों को, ट्रेनों, बसों से सुरक्षित ले जाना, उनके खाने-पाने की चिंता करना, हर जिले में क्वारंटीन केंद्रों की व्यवस्था, सभी की टेस्टिंग, चेकअप, उपचार की व्यवस्था, ये सब काम लगातार चल रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है आत्मनिर्भर भारत अभियान, इस दशक में देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

4. चक्रवाती तूफान अम्फान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक ओर हम महामारी से लड़ रहें हैं और दूसरी ओर हम पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का भी सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हमने पश्चिम बंगाल, ओडिशा में चक्रवात अम्फान का कहर देखा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बड़ी ही हिम्मत और बहादुरी के साथ हालात का सामना किया है।

5. टिड्डी दल
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी सारी समस्याओं के बीच हम एक और समस्या से जूझ रहे हैं- टिड्डी समस्या। देश के कई हिस्से टिड्डियों के हमले से प्रभावित हुए हैं। इन हमलों ने फिर हमें याद दिलाया है कि ये छोटा सा जीव कितना नुकसान कर सकता है। भारत सरकार, राज्य सरकार, कृषि विभाग, प्रशासन टिड्डी संकट के नुकसान से बचने के लिए किसानों की मदद के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर रहा है। नए-नए आविष्कार की तरफ भी ध्यान दे रहा है और मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर के हमारे खेत और कृषि क्षेत्रों को बचा लेंगे।

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