स्रोत : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के नोएडा, महाराष्ट्र के मुबंई और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में उच्च सुविधा वाली कोविड-19 टेस्टिंग लैब का उद्घाटन किया। इस सुविधा से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद होगी।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि अब इन शहरों में टेस्ट और ज्यादा तेज़ी से हो सकेंगे। एक अच्छी बात ये भी है कि ये हाईटेक लैब्स सिर्फ कोरोना टेस्टिंग तक ही सीमित रहने वाली नहीं हैं।भविष्य में, हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, डेंगू सहित अनेक बीमारियों की टेस्टिंग के लिए भी इन लैब्स में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री के भाषण के प्रमुख अंश-

1. देश के करोड़ों नागरिक कोरोना वैश्विक महामारी से बहुत बहादुरी से लड़ रहे हैं। आज जिन Hi-tech State of the Art टेस्टिंग फेसिलिटी का लॉन्च हुआ है उससे पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में और ताकत मिलने वाली है।

2. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और कोलकाता, आर्थिक गतिविधियों के बड़े सेंटर हैं। यहां देश के लाखों युवा अपने करियर को, अपने सपनों को पूरा करने आते हैं। अब इन तीनों जगह टेस्ट की जो उपलब्ध कपैसिटी है, उसमें 10 हज़ार टेस्ट की कैपेसिटी और जुड़ने जा रही है।

3. एक अच्छी बात ये भी है कि ये हाईटेक लैब्स सिर्फ कोरोना टेस्टिंग तक ही सीमित रहने वाली नहीं हैं। भविष्य में, Hepatitis B और C, HIV, डेंगू सहित अनेक बीमारियों की टेस्टिंग के लिए भी इन लैब्स में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

4. देश में जिस तरह सही समय पर सही फैसले लिए गए, आज उसी का परिणाम है कि भारत अन्य देशों के मुकाबले, काफी संभली हुई स्थिति में है। आज हमारे देश में कोरोना से होने वाली मृत्यु, बड़े-बड़े देशों के मुकाबले, काफी कम है।

5. कोरोना के खिलाफ इस बड़ी और लंबी लड़ाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण था कि देश में तेजी के साथ Corona Specific Health Infrastructure का निर्माण हो। इसी वजह से बहुत शुरुआत में ही केंद्र सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान कर दिया था।

6. आइसोलेशन सेंटर हों, कोविड स्पेशल हॉस्पिटल हो, टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रैकिंग से जुड़ा नेटवर्क हो, भारत ने बहुत ही तेज़ गति से अपनी क्षमताओं का विस्तार किया। आज भारत में 11 हजार से ज्यादा Covid Facilities हैं, 11 लाख से ज्यादा Isolations Beds हैं।

7. जनवरी में हमारे पास कोरोना के टेस्ट के लिए जहां मात्र एक सेंटर था, आज करीब 1300 लैब्स पूरे देश में काम कर रही हैं।
आज भारत में 5 लाख से ज्यादा टेस्ट हर रोज हो रहे हैं। आने वाले हफ्तों में इसको 10 लाख प्रतिदिन करने की कोशिश हो रही है।

8. कोरोना महामारी के दौरान हर कोई सिर्फ एक ही संकल्प के साथ जुटा है कि एक-एक भारतीय को बचाना है। इस संकल्प ने भारत को हैरतअंगेज परिणाम दिए हैं। विशेषकर PPE, मास्क और टेस्ट किट्स को लेकर भारत ने जो किया, वो एक बड़ी success story है।

9. सिर्फ 6 महीना पहले देश में एक भी PPE Kit मैन्यूफैक्चरर नहीं था। आज 1200 से ज्यादा Manufacturer हर रोज 5 लाख से ज्यादा PPE किट बना रहे हैं। एक समय भारत N-95 मास्क भी बाहर से ही मंगवाता था। आज भारत में 3 लाख से ज्यादा N-95 मास्क हर रोज बन रहे हैं।

10. एक और बड़ा चैलेंज था, कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए देश में Human Resource को तैयार करना। जितने कम समय में हमारे पैरामेडिक्स, आशावर्कर्स, ANM, आंगनबाड़ी और दूसरे Health और Civil Workers को ट्रेन किया गया, वो भी अभूतपूर्व है।

11. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आज हम उस स्थिति पर आ चुके हैं, जहां हमारे पास जागरूकता की कमी नहीं है, साइंटिफिक डेटा का विस्तार हो रहा है और संसाधन भी बढ़ रहे हैं।

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