राजस्थान में कांग्रेस लगातार राज्यपाल पर यह दबाव बना रही है कि जल्द से जल्द विधानसभा सभा सत्र आयोजित किया जाए। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने विधायकों के साथ राजभवन के बाहर धरना प्रदर्शन भी दे चुके हैं। लेकिन राज्यपाल कलराज मिश्रा ने अभी तक सत्र आयोजित करवाने के पक्ष में कोई निर्णय नहीं लिया है। खबर है कि राजस्थान राजभवन ने विधानसभा सत्र आयोजन से संबंधित फाइलें राज्य के संसदीय कार्य विभाग को वापस कर दीं। राजभवन ने राज्य सरकार से कुछ अतिरिक्त विवरण भी मांगा है। विधानसभा सत्र पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

राजस्थान में जहाँ कांग्रेस से बगावत कर चुके विधायक हरियाणा के मानेसर में हैं तो वहीं कांग्रेस अशोक गहलोत के विधायक जयपुर के एक होटल में। लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है और कांग्रेस के पक्ष में वोट नहीं देने को कहा है।

बसपा के चुनाव चिह्न पर 6 विधायक चुने गए थे लेकिन सभी विधायकों ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूरी भी दे दी है। हालांकि बसपा नेता सतीश चन्द्र मिश्रा का कहना है कि “पार्टी के संविधान के अनुसार जबतक पार्टी का विलय नहीं हो जाता तब तक विधायक किसी दूसरी पार्टी में नहीं जा सकते।”

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