राजस्थान में चल रहे राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने बयान देते हुए कहा कि “पहली बात तो ये कि ये सरकार जाए ये हमारी कोशिश रहेगी। दूसरा राजस्थान की जनता और लोगों के हित में जो होगा वही किया जाएगा। अगर आवश्यकता पड़ी तो आज दोपहर 12 बजे हम बैठेंगे और वर्तमान राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा करेंगे। सरकार और (कांग्रेस) पार्टी अंतर्विरोध और अंतर कला की शिकार थी नतीजा अपमानित होकर सचिन पायलट को कांग्रेस से अलग होना पड़ा। ये दुर्भाग्य है राजस्थान का कि उसकी जनता को ऐसा नेतृत्व मिला था। हम अपनी तरफ से फ्लोर टेस्ट की डिमांड नहीं कर रहे हैं।”

सुबह विधायक दल की बैठक से पहले कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “हमसचिन पायलट को दूसरा मौका देना चाहते हैं। उनसे आज की बैठक में सम्मिलित होने के लिए कहा गया है। मुझे उम्मीद है कि सभी विधायक अपना विश्वास नेतृत्व के प्रति प्रकट करेंगे। हम सभी राजस्थान के विकास के काम करेंगे जिसके लिए जनता ने हमें चुना है।”

इससे पहले कल हुए कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट और समर्थक विधायक नहीं पहुंचे थे। जिसके बाद उन्हें मनाने की बहुत कोशिश हुई लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हुए। वही अशोक गहलोत ने कल विधायक दल की बैठक के बाद अपने समर्थक विधायकों को एक रिजार्ट में भेज दिया है। जबकि सचिन पायलट गुट के विधायक राज्य की राजधानी जयपुर से कोसों दूर हैं।

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