स्रोत: ANI

खाद्य एवं कृषि संगठन की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75 रुपये का स्मृति सिक्का जारी किया। सिक्के को जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार विश्व खाद्य कार्यक्रम से सम्मानित किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। भारत खुश है कि हमारा योगदान और इसके साथ जुड़ाव ऐतिहासिक रहा है।

क्या होते है समृति सिक्के– समृति सिक्के आम सिक्के की तरह ही होते हैं। लेकिन इसका मूल्य चलन में मौजूद अन्य सिक्कों से कहीं ज्यादा होता है। सिक्कों को एकत्र करने वाले या आम लोग इन सिक्कों को रिजर्व बैंक से निर्धारित की गई कीमत पर खरीद सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन करते हुए कहां आज भारत में निरंतर ऐसे रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत के कमिटमेंट को दिखाते हैं। खेती और किसान को सशक्त करने से लेकर भारत के सार्वजनिक वितरण प्रणाली तक में एक के बाद एक सुधार किए जा रहे हैं।
क्या आप जानते हैं कि कोरोना के कारण जहां पूरी दुनिया संघर्ष कर रही है, वहीं भारत के किसानों ने इस बार पिछले साल के प्रोडक्शन के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया? क्या आप जानते हैं कि सरकार ने गेहूं, धान और दालें सभी प्रकार के खाद्यान्न की खरीद के अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इस दौरान भारत ने करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए का खाद्यान्न गरीबों को मुफ्त बांटा है।

पीएम मोदी कहते हैं कि बीते कुछ महीनों में पूरे विश्व में कोरोना संकट के दौरान भुखमरी-कुपोषण को लेकर अनेक तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स अपनी चिंताएं जता रहे हैं कि क्या होगा, कैसे होगा? इन चिंताओं के बीच, भारत पिछले 7-8 महीनों से लगभग 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के हमारे किसान साथी- हमारे अन्नदाता, हमारे कृषि वैज्ञानिक, हमारे आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ता, कुपोषण के खिलाफ आंदोलन का आधार हैं। इन्होंने अपने परिश्रम से जहां भारत का अन्न भंडार भर रखा है, वहीं दूर-सुदूर, गरीब से गरीब तक पहुंचने में ये सरकार की मदद भी कर रहे हैं।
विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। दुनियाभर में जो लोग कुपोषण को दूर करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, मैं उन्हें भी बधाई देता हूं।

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