स्रोत - जागरण

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी 7 मई से होने जा रही है। जिसके लिए एक मिशन रखा है “वंदे भारत मिशन”। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस मिशन के तहत सिर्फ खाड़ी देशों में करीब 3 लाख लोगों ने वापसी के लिए पंजीकरण कराया है।लेकिन गृह मंत्रालय ने कहा कि आपात चिकित्सा स्थिति वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों तथा परिवार के सदस्य की मौत की वजह से भारत लौटने को इच्छुक लोगों एवं विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा यात्रियों को ही यात्रा का किराया देना होगा।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट कहां कि विदेश में फंसे भारतीयों की 7 मई से वापसी के लिए योजना बनाई जा रही है। हम उनसे ये अपील करते हैं कि वे अपने दूतावासों के साथ नियमित तौर पर संपर्क में रहें।

विदेश मंत्री एस.जयशंकर का ट्वीट

इसके अलावा उन्हें क्वारंटाइन का खर्च भी देना होगा। अलग-अलग देशों से आने वाले यात्रियों को 12 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक किराया देना होगा।लंदन से आने के लिए प्रति यात्री 50 हजार रुपए किराया तय किया गया है तो सिंगापुर से आ रहे लोगों को 18 से 20 हजार रुपए चुकाने होंगे। वहीं अमेरिका से आने वाले यात्रियों को 1 लाख रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, बांग्लादेश की राजधानी ढाका से जो नागरिक आएंगे उन्हें सबसे कम 12 हजार रुपए का टिकट लेना होगा।

किराए की सूची

इसी तरह सरकार ने अलग अलग देशों के लिए किराए की लिस्ट जारी कि है।

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