अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लखनऊ महानगर ने गलवान घाटी में कायरता पूर्ण चीनी हमले के विरोध में लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर 1 पर चीनी झंडा जलाकर विरोध दर्ज किया एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।

चीन की विस्तारवादी नीति उसके पड़ोसी देशों की अखंडता, एकता और  संप्रभुता पर खतरा है। इसी विस्तारवादी नीति के परिणाम के रूप में चीन के द्वारा यह कायरतापूर्ण हमला किया गया है जिसमें भारतीय सेना के 20 वीर सैनिक शहीद हो गए। 
श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय मंत्री श्री राहुल वाल्मीकि ने कहा आज का भारत 1962 का भारत नहीं है। जिस तरह से पाकिस्तान मे हमारी सेना ने घर में घुसकर बदला लिया था वैसे ही जल्द हमको खबर मिलेगी कि चीन से भारतीय सेना ने अपना बदला ले लिया है। 

अभाविप के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक श्री राहुल चौधरी जी ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज की स्थिति में सीमा पर भारतीय सेना के साथ साथ हमें अपने घर के चीनी समर्थकों से भी लड़ना होगा। देश में चीन के उत्पादों का बहिष्कार करना होगा। 

केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य अपर्णा मिश्रा ने कहा कि आज इस सभा में हम सभी को प्रण लेना होगा कि हम आज से चीनी वस्तुओं का उपयोग नही करेंगे।

श्रद्धांजलि सभा को महानगर मंत्री अभिमन्यु प्रताप सिंह एवं महानगर सहमंत्री सिद्धार्थ शाही जी ने भी संबोधित किया।
अभाविप के द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में अभाविप के अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख श्रीहरि बोरिकर जी, अनिरुद्ध मौर्य, कामायनी बाजपेई, आद्या प्रसाद, अतुल पांडेय, अनुज श्रीवास्तव, अंशुल श्रीवास्तव, अधीश श्रीवास्तव, शिवम् सिंह,  अभिषेक सिन्हा,  शुभम सिंह सैंगर,  प्रियंका ठाकुर, राहुल शुक्ला, दिलीप शुक्ला,  शाश्वत दिवेदी, आयास दीक्षित, अतुल पांडेय, सत्यम मिश्रा, अभिचेतन, आदर्श तिवारी, शिवम शुक्ला, बख्तियार, राज सिंह, वैभव, अमन  सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
                                                                            

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