स्त्रोत: द प्रिंट/कॉमन्स

शांभवी शुक्ला

काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा कराने की घोषणा कर दी है।इस पर देश के अलग-अलग हिस्सों में जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रशासन ने तय किया है कि वह सत्र 2020- 21 के लिए प्रवेश परीक्षा कराएगा। आपको बता दें कि 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रवेश के लिएआवेदन किया है।

बीएचयू प्रशासन ने इसकी जानकारी ट्वीट के जरिए दी है। 8 अगस्त को ही परीक्षा संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने बताया है कि प्रवेश परीक्षा दो चरणों में कराई जाएगी। पहले चरण की परीक्षा अगस्त के आखिरी सप्ताह में होगी। वही दूसरे चरण की प्रवेश परीक्षाएं सितंबर के दूसरे सप्ताह में कराने की घोषणा की गई है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी नोटिस जारी किया है कि आखिरी वर्ष के सभी विद्यार्थियों की परीक्षाएं होंगी। इस सूचना के प्रसारित होते ही छात्रों का विरोध शुरू हो गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा है। देश में लगातार इस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे हालात में प्रवेश परीक्षा कराना कितना सही है।

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