स्रोत: नवोदय टाइमस

दिल्ली हिंसा मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद से पांच घंटे तक पूछताछ की। अपूर्वानंद का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। इस पूछताछ के बाद प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं। विरोध प्रदर्शन करना सभी का मौलिक अधिकार है।

दिल्ली हिंसा की साजिश के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए UAPA यानी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज किया है। प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि मैं दिल्ली पुलिस से मांग करता हूं कि इस मामले में सही तरीके से जांच की जाए और किसी बेगुनाह को न फंसाया जाए।

प्रोफेसर ने अपने बयान में कहा, “पुलिस को उन विरोध प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों को प्रताड़ित नहीं करना चाहिए, जिन्होंने संवैधानिक तरीके से नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर का विरोध किया। पुलिस के निष्पक्ष और संपूर्ण जांच करने के अधिकार का सम्मान करते हुए और जांच में सहयोग करते हुए बस यह आशा की जा सकती है कि इसका ध्यान उत्तरपूर्वी दिल्ली के लोगों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुई हिंसा के असली गुनाहगारों पर होगा।”

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