राहुल मिश्रा

पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी और इसका नाम दिया ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान।’हालांकि पीएम ने इस पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी थी। 13 मई को शाम चार बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मीडिया के सामने आईं। उन्होंने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के बारे में जानकारी दी। राहत का ये सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा और निर्मला सीतारमण मीडिया से मुखातिब हुई। दूसरी किस्त में मजदूरों और गरीब वर्ग के लोगों पर सरकार का फोकस रहा। वही शुक्रवार को इसी के तहत वह फिर से मीडिया से मुखातिब हुईं। तीसरी क़िस्त में किसानों, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, मछली पालन और खेती से जुड़े लोगों पर फोकस रहा। इसी क्रम में शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कई सेक्टर की मजबूती के लिए नीतिगत बदलाव की जरूरत है। वित्त मंत्री ने 8 सेक्टर के लिए बड़े ऐलान किए इन क्षेत्रों में माइनिंग, खनिज, विमानन और डिफेंस शामिल हैं। आज एक बार फिर से वित्त मंत्री मीडिया के सामने आई

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है। उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है।

ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ावा

वित्त मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसा ढाचा बनाए जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाएं तो दें, लेकिन साथ ही महामारी वाली परिस्थिति में भी वो लड़ने की क्षमता रखता हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकारी व्यय को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ावा देंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 15 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। टेस्टिंग और लैव किट के लिए 550 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कोरोना से जंग में लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की गई है। उन्होंने ऐलान किया कि सभी जिलों में संक्रमण रोग ब्लॉक होगा और ब्लॉक स्तर पर पब्लिक हेल्थ लैब बनाई जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि ब्लॉक, जिला स्तर पर अस्पतालों को लेकर आत्मनिर्भर होंगे. लैब नेटवर्क को मजूबत किया जाएगा। साथ ही हेल्थ और वेलनेस सेंटर को बढ़ावा दिया जाएगा।

30 करोड़ लोगों के खाते में पैसे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट ​बेनिफिट ट्रांसफर का किया गया। इसके तहत 8.19 करोड किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये दिए गए हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसके अलावा देश के 20 करोड़ जन-धन खातों में डायरेक्ट ​बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 500-500 रुपये भेजे गए। उज्ज्वला योजना के तहत 6.81 करोड़ रसोई गैस धारकों को मुफ्त सिलेंडर दिया गया। इसके अलावा 2.20 करोड़ निर्माण मजदूरों को सीधे उनके खाते में पैसा दिया गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि मजदूरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए 85 फीसदी खर्चा केंद्र सरकार दे रही है। मजदूरों को ट्रेनों में खाना दिया जा रहा है।

ऑनलाइन एजुकेशन के लिए 12 नए चैनल

वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन एजुकेशन का इस्तेमाल किया गया है। स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल में पहले 3 थे, उसमें 12 और नए चैनल जोड़े जा रहे हैं। लाइव इंटरएक्टिव चैनल जोड़े जा सकें इसलिए भी काम किया जा रहा है। राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे 4 घंटे का कंटेट दें, जिसे लाइव चैनलों पर दिखाया जा सके।

मनरेगा का बजट 40 हजार करोड़ बढ़ाया गया

केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की योजना मनरेगा के बजट में बड़ा इजाफा किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मनरेगा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है. पहले मनरेगा का बजट 61 हजार करोड़ रुपये था, अब इसमें 40 हजार करोड़ का इजाफा किया गया है।

हर क्लास के लिए, एक चैनल

सरकार ऑनलाइन लर्निंग पर पूरा ध्यान दे रही है। इस सिलसिले में सरकार पहले क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक के लिए एक एक चैनल लॉन्च करेगी। यानी कि हर क्लास के लिए एक चैनल होगा. बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ्य रखने के लिए मनोदर्पण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। दिव्यांगों के लिए विशेष ई कंटेट लाया जाएगा।

एक साल तक दिवालिया प्रक्रिया पर रोक

कंपनी कानून के ज्यादातर प्रावधानों को डीक्रिमिनाइलज किया जाएगा। कई बिजनेस लॉकडाउन में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कोई भी लोन की बकाया राशि कंपनियों के पास पड़ी है और कोरोना वायरस की वजह से वह नहीं दे पा रहे हैं तो वह डिफॉल्ट में नहीं शामिल किया जाएगा। इसका फायदा MSME’s को मिलेगा। कंपनियों के लिए 1 साल तक कोई दिवालिया प्रोसेस नहीं शुरू की जाएगी. छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए एक स्पेशल दिवालिया प्रोसीजर लाए जाएंगे। 7 ऐसे कंपाउंडेबल ऑफेंसेस हैं जिसे अपराध की श्रेणी से बाहर रखा जाएगा। कंपनियों को छोटे-मोटे उल्लंघन पर आपराधिक केसों में नहीं घसीटा जाएगा। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बल मिलेगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक ने राज्यों के कर्ज लेने की लिमिट 60 फीसदी तक बढ़ा दी है। राज्यों ने
अपनी उधारी सीमा का 14 फीसदी ही कर्ज लिया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि गरीबों को आर्थिक मदद दी जा रही है।राज्य सरकारों ने भी मजदूरों के लिए इंतजाम किए। उन्होंने कहा कि लोगों को अनाज देकर मदद की गई। दालें भी 3 महीने पहले एडवांस में दे दी गईं। मैं FCI, NAFED और राज्यों के ठोस प्रयासों की सराहना करती हूं जिन्होंने लॉजिस्टिक की इतनी बड़ी चुनौती के बाद भी इतनी ज्यादा मात्रा में दालें और अनाज बांटा।

वित्त मंत्री ने कहा कि ईपीएफओ के जरिए लोगों की सहायता की गई। 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को सिलेंडर दिए गए। दाल और अनाज अतिरिक्त 2 महीने के लिए फ्री दिए गए। वर्कर के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई। मजदूरों को लाने ले जाने के लिए ट्रेन पर जो खर्च आया उसका 85% केंद्र सरकार ने दिया। लोगों की जिंदगी हमारे लिए पहली प्राथमिकता है इसलिए हमने सहायता की है। जब लॉकडाउन खुलेगा तो कारोबारियों के सामने चुनौती होगी, लोगों के सामने अपने बिजनेस के लिए वर्कर और पैसे की जरूरत होगी। कुछ लोग यह भी सोच सकते हैं कि हम दिवालिया हो गए। हम उनके लिए हर तरीके की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।

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