प्रशांत मिश्रा

जावेद अख्तर को धार्मिक हठधर्मिता को समीक्षा के घेरे में लाने और मानवतावादी मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए रिचर्ड डॉकिंस अवॉर्ड 2020 मिला है। अख्तर इस पुरस्कार को जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। रिचर्ड डॉकिंस इवोल्यूशनरी बायोलॉजिस्ट हैं और साल 2003 से दिया जा रहा यह पुरस्कार हर साल उन्हें दिया जाता है जो सार्वजनिक रूप से धर्मनिरपेक्षता, तर्कवाद, वैज्ञानिक सत्य को बनाए रखने के मूल्यों को दर्शाते हैं।

अवॉर्ड के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद अख्तर की पत्नी और अभिनेत्री शबाना आज़मी ने कहा कि आज के समय में जब धर्मनिरपेक्षता खतरे में है तो इस पुरस्कार का महत्व और भी बढ़ जाता है।

आजमी ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। मैं जानती हूं कि रिचर्ड डॉकिंस जावेद के लिए प्रेरणा देने वाले नायक की तरह रहे हैं। यह पुरस्कार इसलिए भी काफी मायने रखता है क्योंकि आज के समय में जब सभी धर्मों के धार्मिक कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता पर हमले कर रहे हैं तो यह पुरस्कार इस मूल्य की रक्षा के लिए जावेद के प्रयासों को बताता है।

अवॉर्ड की सूचना मिलते ही इरफान हबीब,नंदिता दास, अनिल कपूर और दिया मिर्जा ने ट्वीट के द्वारा जावेद अख्तर को इस पुरस्कार के लिए बधाई दी है।

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