स्रोत: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार को रेलवे की आधरभूत संरचना में सुधार की बड़ी सौगातें दीं। उन्‍होंने कोसी रेल मेगा ब्रिज का उद्घाटन किया। इस ब्रिज के चालू होने के साथ करीब नौ दशक बाद कोसी व मिथिलांचल आपस में रेल मार्ग से जुड़ गए हैं। नेपाल सीमा के पास स्थित इस ब्रिज का रणनीतिक महत्व भी है। कोरोना संक्रमण के काल के दौरान इसके निर्माण में प्रवासी मजदूरों ने भी अपना योगदान दिया। इस इसके अलावा प्रधानमंत्री ने रेलवे से संबंधित 12 अन्‍य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की किसानों के प्रति दूरदर्शी सोंच की भी जमकर तारीफ की। बिहार को दिए गए दरभंगा एम्स और उसके लाभ के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि भूकंप की भीषण आपदा ने नौ दशक पहले मिथिला और कोसी क्षेत्र को बांट दिया था। नीतीश कुमार जब रेल मंत्री थे और अटल जी प्रधानमंत्री तब इसकी कल्पना की गई थी। 2003 में शिलान्यास हुआ था। अगले वर्ष अटलजी की सरकार चली गई, और परियोजनाएं राजनीति के भेंट चढ़ गई।

प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में मिथिलांच और कोसी की रेल परियोजनाओं की उपेक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस के साथ पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद पर तंज किया। कहा कि 1934 के भूकंप ने बिहार के कोसी और मिथिलांचल से अलग-अलग कर दिया। लोगों को महज 22 किमी पहुंचने के लिए तीन सौ किमी दूरी तय करनी पड़ रही थी।

कोरोना काल की उपलब्ध्यिां भी गिनाई

उन्होंने कहा कि बिहार में 2014 से पहले यूपीए सरकार के पांच वर्षों में महज तीन सौ किमी रेल लाइन बनी। वहीं, 2014 के बाद अभी तक दो गुनी से ज्यादा यानि सात सौ किमी रेल लाइन का निर्माण पूरा हुआ है। देश में माल गाड़ी और यात्री गाड़ी अलग-अलग ट्रेक चलाने की तैयारी है। इसमें 250 किमी लंबा डेडिकेटेड रेल कॉरीडोर पर काम चल रहा है। कोरोना काल की उपलब्ध्यिां भी गिनाई। श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिए बिहार के लोगों को विभिन्न शहरों से घर पहुंचाने के लिए रेलवे के काम को सराहा।

एतिहासिक कृषि सुधार बिल पास हुआ है

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में एतिहासिक कृषि सुधार बिल पास हुआ है। बिल यह हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाएगा। किसानों को अपनी उपज बेचने के अनेकों अवसर और बाजार मिलेंगे। कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए की सरकार बनने के बाद शुरुआत दिनों में यह सुविधा किसानों के हित लागू कर दी थी। किसानों और ग्राहक के बीच बिचौलिए को लेकर विपक्ष पर प्रहार किया। कहा कि किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा बिचौलिए हड़प लेते थे। किसानों को ऐसे शोषणा से बचाने के लिए यह विधेयक लाया जाना बहुत आवश्यक था। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि अब किसानों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही हैं। किसानों को लेकर विपक्ष की रीति-नीति को कठघरे में खड़ा किया।

किसानों के उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने दशकों देश पर राज किया, अपने घोषणा पत्र में किसानों यह सुविधा देने का भरोसा दिया लेकिन हमेशा बिचौलिए के जरिए किसानों का शोषण करते रहे। किसानों से कभी अपना वायदा पूरा नहीं किया। भाजपा ने किसानों से किए अपने वायदा पूरा किया है।
भाजपा किसानों के उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों से हर हाल में सरकारी खरीद जारी रहेगी। कोई ताकत इसमें रुकावट पैदा नहीं कर सकता है। किसान अब जहां चाहे अपना उत्पाद बेच सकता है। देश के किसी भी बाजार में किसान अपनी फसल बेच सकता है। एपीएमसी एक्ट से किसानों के हित मे हैं।

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