Tokyo Olympics 2021

Tokyo Olympics: आखिर आ ही गया वो पल जिसका इंतजार भारत का हर एक नागरिक सालों नहीं दशकों से कर रहा था। आखिरी बार 1980 में पुरूष हाॅकी टीम ने सोना लाया था। उसके बाद से चला रहा सूखा आज खत्म हुआ। भारतीय लड़कों ने कांस्य पदक जीतकर भारत में हाॅकी को संजीवनी दिया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मैच में पहले हम पिछड़े फिर हमने जर्मनी को पछाड़ दिया। कैद कर लीजिए यह लम्हें ऐसा क्षण लम्बे संघर्ष के बाद आया है। ये भी पढ़ेंः Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में उछाल, चेक करें आज का ताजा भाव

आखिरी क्षण रुक गई थी सांसें

भारत मैच में के आखिरी मिनट में 5-4 से आगे चल रहा था। लेकिन फिर गेंद को हाॅकी स्टिक पर लिए गोली की रफ्तार से जर्मन खिलाड़ी भारतीय गोलपोस्ट की तरफ बढ रहे थे। बमुश्किल से 10 सेंकेंड बचा था, तभी जर्मनी को पेनाल्टी मिल गई। 130 करोड़ भारतीय जो अपनी टीम के लिए दुआ मांग रहे थे उनकी सांसें रुक गई। लेकिन फिर जो हुआ वह इतिहास है…….हमने 41 साल बाद हाॅकी में पदक जीत लिया। ये भी पढ़ेंः Sawan 2021: महादेव की पूजा करते वक्त भूलकर भी ना करें ये गलती, बना काम जाएगा बिगड़!

पलटवार से जीता मैच

भारत पहले क्वॉर्टर में 1-0 से पीछे चल रहा था। लेकिन 17वें मिनट में Simranjeet Singh ने गोलकर मैच को बराबरी पर ला दिया। 25 मिनट में Niklas Wellen के प्रयास से जर्मनी को 2-1 से बढ़त बना ली। इसके बाद पेनाल्टी में मिले मौके को को गोलकर में तब्दील कर Benedikt Furk ने जर्मनी की बढ़त दो गोल (3-1) बना दी। फिर हुआ पलटवार Hardik और HarmanPreet ने एक के बाद एक गोलकर मैच बराबरी पर ला दिया। तीसरे क्वार्टर में मौका मिला भारत को बढ़त बनाने का, जिसे Mandep Singh और Rupinder Pal Singh ने जाने नहीं दिया। भारत अब जर्मनी से 5-3 से आगे था। चौथे क्वार्टर में जर्मनी को कई मौके मिले लेकिन उसमें से वो सिर्फ एक ही गोल में तब्दील कर पाए। और इस तरह से भारत ने इतिहास बना दिया …….

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