घुमक्कड़ी दुनिया की सबसे अच्छी चीज है। इसका अनुभव वही कर सकता है जो घुमक्कड़ी करता रहता है। घुमक्कड़ी के बारे में राहुल सांकृत्यान ने कहा है, ‘दुनिया में दुख हो चाहे सुख। समाज सहारा पाती है तो घुमक्कड़ों की ओर से’। जो लोग इस मशीनी दुनिया के आदी हो गए हैं वे बस घूमने के बारे में सोच ही पाते हैं। ऐसे लोग हर बार सोचते हैं कि इस बार कहीं घूमने जाएंगे लेकिन किसी न किसी वजह से नहीं जा पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए घुमक्कड़ी की किताबें वरदान की तरह हैं। किताबें पूरी तरह से आपको घूमने का अनुभव तो नहीं करा सकती लेकिन इससे आपको प्रेरणा जरूर मिलती है। इन किताबों को पढ़ते समय आप कुछ दिनों के लिए तो घुमक्कड़ बन ही सकते हैं। अगर आप भी घर पर बैठे हैं और घुमक्कड़ी का अनुभव करना चाहते हैं तो हम आपको ऐसी ही कुछ किताबों के बारे में बता रहे हैं।

1. इनरलाइन पास

                     फोटो क्रेडिटः अमेजन।

घुमक्कड़ी करते समय मन में क्या-क्या चलता हैं? यात्राओं के दौरान घुमक्कड़ क्या सोचता है? किन-किन दिक्कतों का सामना करता है? ये सब आपको बहुत अच्छी तरह से उमेश पंत की किताब इनरलाइन पास में मिल जाएगा। उमेश पंत ने आदि कैलाश की यात्रा की थी। उसी अनुभव को इस किताब में उन्होंने साझा किया है। घुमक्कड़ी करना अलग बात है मगर उसी अनुभव को वैसे ही शब्दों में पिरोना थोड़ा मुश्किल होता है। उमेश पंत ने ये काम बखूबी किया है। किताब को पढ़ते समय आपको लगेगा कि आप भी साथ-साथ यात्रा पर निकल पड़े हैं। घुमक्कड़ी में जोखिम और बेवकूफी में कितना अंतर होता है ये भी ये किताब बताती है। जो घुमक्क्ड़ हैं, जो घूमने की सोच रहे हैं और जिनको घूमना पसंद है। उन सबके लिए ये किताब है। घर बैठे-बैठे घुमक्कड़ी करने के लिए ये किताब बेहद शानदार है।

2. आजादी मेरा ब्रांड

                        फोटो क्रेडिटः अमेजन।

घुमक्कड़ किसे कहते हैं और वो कैसे होते हैं इन सबका जवाब देती है अनुराधा बेनीवाल की किताब आजादी मेरा ब्रांड। इस किताब में उन्होंने 13 देशों का यात्रा-वृतांत लिखा है। इस किताब की खूबी है लेखिका की आजादी। जो सिर्फ अपने घूमने के अनुभव नहीं बताती है उस समाज को बताती है, वहां की अच्छाई और बुराई को बताने की कोशिश करती है। लड़की को क्यों घुमक्कड़ होना चाहिए ये किताब बताती है। हरियाणा की लड़की बहुत सारे सवाल पूछती है। आप जब इसको पढ़ेंगे तो उन जायज सवालों के बारे में जरूर सोचेंगे। अगर आप भी सोचते हैं कि क्यों घूमना है तो इस किताब को पढ़ डालिए। ये किताब आपको एक मिनट के लिए भी बोर नही होने देगी। किताब में एक जगह अनुराधा बेनीवाल घुमक्कड़ी के बारे में लिखती हैं, ‘अकेले दुनिया फिरने का यह भी मजा है। आप इतनी सारी जिंदगी इतनी स्पीड से जी लेते हैं। कोई कमिटमेंट नहीं होती है तो कुछ भी कर लेते हैं। कई बार बहुत कुछ कर लेते हैं’।

3. एवरेस्ट की बेटी

          फोटो क्रेडिटः अमेजन।

एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है और सबसे खतरनाक भी। यहां तक जाने का हर कोई साहस नहीं करता। मगर जो साहस करता है और पहुंचता है वो अनुभव सबसे जुदा होता है। ऐसा ही साहस दिखाया है अरूणिमा सिन्हा ने। अरूणिमा सिन्हा का एक हादसे में पैर चला गया था। उसके बाद भी उन्होंने जो साहस दिखाया है वो सलाम करने लायक है। हादसे से लेकर एवरेस्ट तक चढ़ने की पूरी कहानी को इस किताब में अरूणिमा ने बताया है। उनकी मुश्किलों और संघर्ष को समझने के लिए ये किताब पढ़नी चाहिए। इस किताब को मूलतः अंग्रेजी में लिखा गया है जिसका टाइटल है, बोर्न अगैन ऑन द् माउंटैन। अरूणिमा इस किताब में लिखती हैं, अगर ये हादसा नहीं होता तो शायद वे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर चढ़ने के बारे में नहीं सोचती।

4. सबसे ऊंचा पहाड़

          फोटो क्रेडिटः अमेजन।

कहते हैं घुमक्कड़ ही हैं जो दुनिया को बढ़ा करते हैं क्योंकि वो नई-नई जगहों के बारे में बताते हैं। सबसे ऊंचा पहाड़ ऐसी ही जानकारियों का खजाना है। इस किताब को लिखा है तरूण गोयल ने। इंटरनेट की दुनिया से अनजान हिमाचल प्रदेश के 31 दुर्गम क्षेत्रों में की गई पैदल यात्राओं के वृतांत आपको इस किताब में मिल जाएंगे। इस किताब में हिमाचल प्रदेश के बारे में वो जानकारी मिलेंगी जो शायद आपको कहीं और न मिलें। किताब पढ़ते समय आप भी घुमक्कड़ बन जाएंगे और अगर आप उन जगहों पर जाना चाहें तो इस किताब को लेकर जा सकते हैं। ऐसी किताबों को अपनी खुद की लाइब्रेरी में जगह देनी चाहिए।

5. बहुत दूर कितना दूर होता है

      फोटो क्रेडिटः अमेजन।

ये किताब घुमक्कड़ी के पैमाने में कुछ अलग-सी है। बाकी किताबों में जगहों के बारे में बताते हैं। मगर मानव कौल अपनी इस किताब में बस अपने बारे में बताते हैं। यात्रा में वो क्या सोचते हैं, किससे मिलते हैं? कभी वर्तमान में होते हैं तो कभी अपने पुराने दिनों को याद करते हैं। मानव कौल घूमने को भी कमाल तरीके से लिखते हैं कि पढ़ने वाला उसमें डूब जाए। किताब में बहुत सारे संवाद हैं जो ज्यादातर खुद से ही हैं। यूरोप के कई शहर और गांव से होकर मुंबई तक चलती है, साथ-साथ चलता है संवाद। इस किताब में आप घुमक्कड़ी शायद कम ही देखें लेकिन वो संवाद आपको सुकून देंगे जो घुमक्कड़ी के दौरान चलते हैं। जब आप अकेला महसूस कर रहे हों तो ऐसी किताब पढ़ लेनी चाहिए।

ये कुछ घुमक्कड़ी की किताबें हैं। जो मुझे लगता है कि आपको पढ़नी चाहिए। ये सूची और भी लंबी हो सकती है। अगर आपको लगता है कि और कोई किताब है जो पढ़ी चानी चाहिए तो अपनी राय जरूर दें।

Leave a Reply