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प्रभुनाथ शुक्ला

भदोही, 02 अक्तूबर। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में गुरुवार को हुई दलित नाबालिग लड़की के मौत बलात्कार से नहीँ बल्कि गलादबा और सिर कूच कर की गई। शुक्रवार की शाम आयीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की बात नहीँ आयी है। हाथरस के साथ राष्ट्रीय मीडिया में भी यह घटना सुर्ख़ियां बनी। इस मामले में पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

भदोही पुलिस अधीक्षक आरबी सिंह ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट
आने के बाद मीडिया को बताया कि गुरुवार को गोपीगंज थाने तिवारीपुर (चकराजाराम) गाँव में दोपहर शौच को गई एक नाबालिग जिसकी उम्र ग्यारह साल थीं उसकी सिर कूच कर हत्या कर दी गई थीं। आशंका यह जताई गई थीं कि नाबालिग के साथ बलात्कार भी हो सकता है। लेकिन पोस्टमार्टम में बलात्कार की पुष्टि नहीँ हुई है, बल्कि उसकी हत्या गला दबाकर और ईंट से कूच कर की गई। मामले में पुलिस ने पड़ोस के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि आरोपियों का मृतका के परिजनों से पुरानी रंजिश थी, जिसे लेकर आरोपियों ने किशोरी की निर्मम तरीके से हत्या कर दिया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी भी दलित वर्ग के ही हैं।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार मृतिका के घर रहने वाले एक रिश्तेदार लड़के पर आरोपियों को शक था कि उनके घर की एक लड़की पर उसकी गलत निगाह है। इसी बात को लेकर 28 सितंबर को हुआ था विवाद। उसी शक में बदला लेने के लिए यह तरीका अपनाया गया। नाबालिक के अलावा परिवार का कोई और अकेले मिलता तो उसकी भी कर देते।

पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी कुंदन, प्रिंस और कलेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी पिता-पुत्र हैं। इस मामले में मृतिका के परिजनों ने भी तीनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर भी दिया था। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया है।

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