स्त्रोत: द प्रिंट/कॉमन्स

पिछले दिनों काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति राकेश भटनागर का एक बयान बहुत वायरल हो रहा है। जिसमें वो कह रहें हैं कि महामना एक पैसे का पेड़ लगा गए होते तो सबकुछ फ्री कर देता। जिसके बाद विश्वविद्यालय में छात्रों ने सोशल मीडिया पर उस बयान का विरोध करना शुरु कर दिया। विवाद बढ़ता देख कुलपति ने अपनी सफाई में कहा,”महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय मेरी कर्मभूमि है, जिसकी सेवा करने के लिए मैं पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य कर रहा हूँ। महामना मालवीय जी मेरे प्रेरणास्रोत है और मैं उनके आदर्शों और मूल्यों का पालन करता हूँ। महामना जी के प्रति मैं पूर्ण निष्ठा एवं सम्मान रखता हूँ। वे न केवल हम सब के लिए पूज्यनीय हैं बल्कि हम सभी के लिए मार्गदर्शन का स्रोत भी हैं और उनकी अवमानना का विचार भी किसी के मन में नहीं आ सकता। महामना के बारे में मेरे कथन से किसी को गलतफ़हमी हुई हो और उससे उनकी भावना आहत हुई है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व पीड़ादायक है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय अपनी स्थापना काल से ही राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका निभा रहा है। कोविड महामारी की विषम परिस्थितियों में भी हमारे छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी राष्ट्र की सेवा में लगे हुए है। मेरी, विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से यह अपील है कि वे महामना के आदर्शों के अनुरूप सच्चाई और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें। मैं उन्हें विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि छात्रहित विश्वविद्यालय का प्रमुख दायित्व है और जहाँ तक छात्रों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा की बात है उसे स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा छत्रों के लिए OPD open registration को निशुल्क कर दिया गया है। इससे सम्बंधित जानकरी शीघ्र ही वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।”

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