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आव्या पांडेय।

5 मई 1956 दिन बेहद खास है। ये वो दिन था जब संगीत की दुनिया का सरताज इस दुनिया में आया था। 5 मई 1957 को गुलशन कुमार का जन्म दिल्ली के एक साधारण पंजाबी परिवार में हुआ था। गुलशन कुमार का पूरा नाम गुलशन कुमार दुआ था।

गुलशन कुमार के पिता दिल्ली के दरियागंज में जूस की दुकान चलाते थे। यही पर गुलशन कुमार ने कैसेट्स की दुकान खोली जहां वो सस्ते में गानों की कैसेट्स बेचते थे। इसके बाद ही उनके अंदर संगीत को लेकर दिलचस्पी जगी और देखते ही देखते उनका काम बढ़ गया और उन्होंने नोएडा में टी सिरीज़ नाम की कंपनी खोली इसके बाद उन्होंने मुंबई की तरफ रुख़ किया।

गुलशन कुमार ने संगीत की दुनिया में जितना नाम कमाया शायद आज किसी के नसीब में न हो। इसी शोहरत की बदौलत वह कहे गए कैसेट किंग। बता दे की गुलशन कुमार निर्माता होने के साथ साथ एक बेहतरीन गायक भी थे। उन्होंने ढेर सारे भक्ति गाने गाए जिन्हें लोग आज भी खूब पसंद करते हैं। गुलशन कुमार की आवाज में भक्ति संगीतों को आज भी गाया जाता है।
इतना ही नहीं गुलशन कुमार ने कई गायकों के करियर को भी बनाया। उन्होंने अनुराधा पौडवाल, सोनू निगम, और कुमार सानू जैसे सदाबहार गायको को गुलशन कुमार की देन कहना गलत नहीं होगा।

खोजी पत्रकार हुसैन जैदी की बुक My Name is Abu Salem में गुलशन कुमार की मौत से जुड़े कई खुलासे किए गए थे। हुसैन जैदी ने अपनी बुक में लिखा था कि डॉन अबु सलेम ने गुलशन कुमार से 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी, लेकिन उन्होंने इसे देने से साफ इनकार कर दिया था।

गुलशन कुमार का जीवन जितना चर्चा में रहा उससे ज्यादा चर्चा में रही उनकी आकस्मिक मृत्यु। 12 अगस्त, 1997 को मुंबई के एक मंदिर के बाहर गुलशन कुमार को कुछ बदमाशों ने गोली मार हत्या कर दी थी।

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