सावित्री और सनातन। (साभार: गूगल)

“दिखावा कभी रुकता/ ठहरता नहीं है। आप जो हैं जैसे हैं वैसे रहिये। वैसे ही दुनियां को अपना हुनर दिखाइए।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये भाई-बहन की जोड़ी लोगों का दिल जीत रही है। इन दोनों का नाम है सनातन और सावित्री। कोयलांचल के सुदूर देहात से आते हैं। टिक-टॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब तीनों की प्लेटफॉर्म्स पर ये जोड़ी इस वक़्त खूब धमाल मचा रही है। गांव में मिट्टी के घर के सामने स्टेज बनाकर दोनों के ये वीडियो सोशल मीडिया पर हज़ारों लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट ला रही हैं। एक-एक वीडियो पर हजारों-हजारों व्यूज़ मिल रहे हैं। टिक-टॉक पर अभी 2 मिलियन फॉलोवर्स पूरे हुए हैं। पुराने बालीवुड गानों पर डांस करते हुए धनबाद जिले के ग्रामीण अंचल बलियापुर के निपनिया गांव के सनातन कुमार महतो और उनकी बहन सावित्री कुमारी अपनी कलाकारी की बदाैलत सोशल मीडिया के सनसनी बन गए हैं।

कौन है ये डांस करने वाले वायरल हो रहे भाई-बहन?

सबसे पहले पढ़ाई की अगर बाते करें तो सनातन एमए और सावित्री अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर चुकी हैं। सावित्री स्कूल में पढ़ाती हैं वहीं पर सनातन ने नाैकरी न मिलने के कारण खेती शुरू कर दी। सनातन को डांस का शौक है इसलिए इसी में अपना करियर बनाने का सोची। सबसे पहले अपने डांस की वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर करनी शुरू की, जिसमें बेहद कम रिस्पांस मिला। जिसके बाद उन्होंने अपना यू-ट्यूब चैनल बनाया। इसके बाद टिक-टॉक पर अपना एकाउंट बनाया जिसमें उनकी एक वीडियो हिट हो गयी। और चलते-चलते अब सनातन और सावित्री फेम बन गए हैं।

यूट्यूब चैनल से की शुरुआत:

सनातन का Dancer Sanatan नाम का यूट्यूब चैनल है। गुरुवार को सनातन ने अपने यूट्यूब से एक वीडियो पोस्ट की जिसमें उन्होंने अपनी आज तक की यात्रा बतायी। सनातन बताते हैं कि उन्होंने अपने चैनल की शुरुआत जनवरी 2019 में की थी। इस वक़्त इनके यूट्यूब चैनल पर 28 हज़ार सब्सक्राइबर्स हैं। शुरुआत में सनातन अकेले ही परफॉर्म करते थे। लेकिन फिर उन्हें एक पार्टनर की जरूरत महसूस हुई। उन्हें लगा कि उनकी बहन सावित्री से अच्छा पार्टनर भला कौन हो सकता था? हालांकि सनातन बताते हैं कि बीच में उन्होंने tech से रिलेटेड वीडियो भी बनाये थे लेकिन वो चल नहीं पाए। वह हंसते हुए कहते हैं कि “जब मैंने अपनी वीडियो करीब हज़ार लोगों को शेयर की तब जाकर मेरे 50 सब्सक्राइबर हुए, तब मैने वीडियो बनाने छोड़ दिए थे”।

करना पड़ा कई दिक्कतों का सामना:

यूट्यूब में आयी दिक्कतों के बारे में वो कहते हैं कि यूट्यूब पर वीडियो डालते हुए कई सारे वीडियो कॉपीराइट इश्यू के वजह से डिलीट हो गए इसलिए मैंने टिकटॉक पर वीडियो डालनी शुरू की। बहुत दिक्कतें झेली लेकिन कभी हार नहीं मानी। “मैं हमेशा कहता हूँ कि आपमें जो टैलेंट है उसे दिखाइए, उसपर मेहनत कीजिये। होपलैस नहीं होने का है। इतने सब्सक्राइबर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण वही डेढ़ साल की मेहनत है।” उनकी बहन सावित्री कहती है कि ये वीडियो बनाने के लिए यहां से दूर साईकल पर धनबाद जाता था और वहां जाकर वीडियो बनाता था। ताकि वीडियो अच्छी बने और वायरल हो जाए।
अपने सपने के बारे में बताते हुए सनातन कहते हैं कि मेरा एक सपना था कि मेरा नाम न्यूज़पेपर में आये और आज हमारे नाम के बड़े-बड़े आर्टिकल, खबर अखबार में आ रहे हैं।

सनातन का यूट्यूब चैनल लिंक: https://youtu.be/Ewz3zKYcDBA

#Tiktok बन रहा है टैलेंट दिखााने का नया माध्यम:

इकोनॉमिक टाइम्स के पत्रकार श्याम मीरा सिंह अपने फेसबुक पोस्ट में लिखते हैं-

“टिकटोक के बहाने मिडिल क्लास, अपर मिडिल क्लास का, आर्थिक रूप से सबसे निचले वर्ग के लिए पूर्वाग्रह बाहर निकल कर सामने आ रहा है। आप देखेंगे कि टिकटोक पर लगभग हर वर्ग के लोग जुड़े हैं लेकिन इसपर एक बहुत बड़ी पकड़ गांव के सामान्य जन ने बनाई है। जिसे Hello and Everyone, Good Morning Ladies and gentlemen वाली भाषा नहीं बोलनी होती। वो राम राम और अस्सला मालेकुम से शुरुआत करते हैं। गांव की चीजें दिखाते हैं। अपनी क्षमता में हंसाने की कोशिश करते हैं।

टिकटोक पर अधिक एडिटिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती, अधिक टेक्नोलॉजी का सामना भी नहीं करना पड़ता। बस दो क्लिक पर ही वीडियो बनकर तैयार। यही कारण है कि सामान्य जन ने यहां पर जोरदार एंट्री की है। टिकटोक की इसी खूबी के चलते गांव की झोपड़ियों में नाचते गाते पति-पत्नी और उनके छोटे-छोटे बच्चों की हजारों वीडियोज आपको टिकटोक पर मिल जाएंगी। इस देश में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि फ़िल्म, कैमरा, एक्शन, एक्टिंग का इतना लोकतांत्रिकरण हो जाएगा कि गांव के किसान, प्रवासी, खेतिहर, झुग्गीवासी भी अपने स्किल को दुनिया को दिखा पाएंगे। ये एकतरह से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सिनेमा में एंट्री है।”

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