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Thursday, April 2, 2026

प्रकृति के चितेरे कवि : पंत

सत्यम भारतीप्रकृति के सुकुमार कवि , हिन्दी साहित्य के महान उन्नायक, और छायावाद के प्रधान स्तम्भों में से एक सुमित्रानंदन पंत का ...

स्वतंत्रता संग्राम 1857 में मध्यप्रदेश व वनवासियों की भूमिका

भारतीय स्‍वतंत्रता संगाम-1857 विश्व की अद्भुत आश्चर्यजनक तथा बेजोड़ घटना है। इसने समूचे विश्व को हिलाकर रख दिया था। यह साम्राज्यवादी अंग्रेज सरकार के...

बलिदान दिवस: रानी दुर्गावती जिन्होंने अकबर और घूंघट प्रथा दोनों का विरोध किया

विश्व के इतिहास में रानी दुर्गावती की वीरता, साहस व शासन प्रणाली के किस्से स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हैं। दुर्गावती भारतीय इतिहास की एक...

न्याय, दयालुता व निर्माण के लिए प्रसिद्ध महारानी अहिल्यादेवी होलकर

तत्कालीन मालवा राज्य की महारानी अहिल्यादेवी होलकर की आज जयंती है। वह देशवासियों के बीच नहीं हैं। प्रजा के हित में काम करने वाली...

संथाल हूल दिवस : अंग्रेजी सरकार के विरूद्ध वनवासी वीर योद्धा सिद्धू-कान्हू की शौर्यगाथा

यह कहानी सन 1855 के संथाल हूल क्रांति के नायक रहे सिद्धू व कान्हू नाम के दो भाईयों की है, जिन्होंने अंग्रेजी सत्ता पोषित...

वीरता की प्रतीक झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई अपनी सुन्दरता, चालाकी और दृढ़ता के लिये तो प्रसिद्ध हैं ही, साथ ही स्वातंत्रता सेनानी नेताओं में सबसे तेज-तर्रार वीरांगना...

आजाद ही रहे हैं, आज़ाद ही रहेंगे ……

जयंती विशेष : एक ऐसे क्रांतिकारी की दास्‍तां, जिसे छू न सकी अंग्रेजों की गोलीउपर्युक्त अपने दृढ़ संकल्प को महान भारतीय क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद...

विश्व पर्यावरण दिवस “प्रकृति के लिए समय” निकाल करके तो देखिए

हर साल 5 जून को पूरे विश्व में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है इस दिन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना...

1857 में ही क्यों आजाद नहीं हो पाया भारत!

कहते हैं आज़ादी आसानी से नहीं मिलती है, इसकी क़ीमत चुकानी पड़ती है। यह एक दिन में नहीं मिलती अपितु इसके लिए अनवरत कई...

जननायक चंद्रशेखर और उनके अनसुने क़िस्से

प्रशांत बलियाचंद्रशेखर जी जैसे युगदृष्टा कभी दिवंगत नहीं होते, वे मृत्यु को भी प्राप्त नहीं होते। वे तो सदा वर्तमान रहते हैं, अपने...