क्या है खादी-खाकी की केमेस्ट्री !
रजनीश चौरसियाए भईया! कानपुर कांड की चर्चा बंद करिए। आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दूबे मुठभेड़ में मारा गया। क्या बात कर रहे...
हमें अपने आस-पास के समाज को बदलना होगा
यशवंत सिंहमेरे प्रिय मित्र,
मैं आज फेसबुक पर जुड़े सभी अनुज, अग्रज, सहपाठी, मित्र और रिश्तेदार का ध्यान चाहूंगा!
शब्दों के बाजार में सबसे घृणित...
जामिया के छात्र ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा खुला पत्र,बयां किया दर्द
प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी,आशा है कि सब कुशल मंगल होगा। दो बार खुद से लॉकडाउन लगाने के बाद तीसरी बार आप सरकारी दस्तावेजों...
चन्द्रशेखर: राष्ट्रीय विवेक की अभिव्यक्ति
प्रशांत बलियाकभी लार्ड मार्ले ने गाँधी जी के राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले का मूल्यांकन करते हुए कहा था कि -"उनका मस्तिष्क एक...
एफ.आई.आर (FIR) से जुड़े क़ानूनी दांवपेंच
अंजना शर्मादंड प्रक्रिया संहिता 1898 सन 1973 तक लागू थी,इसे अंततः दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 द्वारा निरस्त कर दिया गया था। हालांकि, आपराधिक...
मानव नहीं परपीड़क हैं हम
महेंद्र पाण्डेयअकारण ही केरल में गर्भवती हथिनी को क्रूरतम तरीके से मार डाला गया। मारने वाले मनुष्य देह धारी प्राणी थे। प्रश्न यह...
कोरोना संकट के बीच कानूनी पेशे में परिवर्तन और चुनौतियां
अंजना शर्माआज हमारा देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व इस कोरोना महामारी की चपेट में आ चुका है। इस महामारी के प्रकोप से...
मोदी की विश्वसनीयता बनाम विस्मृत विपक्ष के एक वर्ष
पतंजलि पाण्डेयनरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा कर लिया है। पिछले वर्ष इसी मास भारतीय राजनीति में...
सावरकर के “कथित माफीनामे’ पर एक विनम्र निवेदन..
सुमंत भट्टाचार्यजिन्हें ब्रिटिश कानून व्यवस्था की तनिक भी समझ है वो जानते हैं, सावरकर जी का "माफीनामा" बर्तानवी हुकूमत का एक "सेट फॉर्मेट"...
सावरकर जयंती पर बीएचयू और जेएनयू की घटना का स्मरण
अनिमेष मिश्राकुछ दशक पहले शायद यह उम्मीद करना भी मुश्किल था कि सावरकर की जंयती पर भारत के प्रधानमंत्री उनके योगदान को याद करेंगे...
























