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Tuesday, April 28, 2026

भगत सिंह के विचारों को आत्मसात करना आसान नहीं!

राहुल कुमार दोषीभगत सिंह बोल गए हैं- "इश्क लिखना भी चाहूँ तो इंकलाब लिख जाता हूँ, इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे...

भारत की एकता के मूलभूत आधार!

भारतवर्ष को इस बात को लेकर बार-बार कठघरे में खड़ा किया जाता रहा है कि क्या यह एक राष्ट्र है या फ़िर विभिन्न भौगोलिक...

कोरोना काल में संकट से जूझता परिवार!

राहुल कुमार दोषीभावनाओं की नींव होता है परिवार! उम्मीदों का बागान होता है परिवार! रूठना, मनाना, दुख-तकलीफ़ को साथ-साथ पचाना, रोटी-सब्जी, दाल-भात और...

तो शायरी भी चुराते हैं देश के मशहूर शायर मुनव्वर राणा!

रामाशीष यादवउर्दू शायरी व दिलकश अदा के लिये देश-दुनिया में मशहूर शायर मुनव्वर राणा पर अब तक शायरी के द्वारा सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप...

विमर्श और बौद्घिक क्षत्रित्व

महेंद्र पाण्डेयदुनिया का वर्तमान काल एक विशिष्ट और अनूठा काल है। दुनिया का ऐसा दौर पहली बार है, जब सूचनाओं के अपार भंडार...

वैकुण्ठ से विवाद तक पहचान खोजती अयोध्या

मिथिलेश नन्दिनी शरणमहाकवि कालिदास ने रघुवंश महाकाव्य में एक विलक्षण प्रसङ्ग लिखा है। इस प्रसङ्ग में श्रीराम के परधामगमन से गतश्री हुई अयोध्या कुश...

आज के दौर में भारतीय प्रौद्योगिकी और उसका संकट

राहुल कुमार दोषीहम वैज्ञानिक-इंजीनियर-गणितज्ञ तो पैदा करते हैं लेकिन उन्हें संभाल नहीं पाते हैं! गोला, बारूद, हेलीकॉप्टर, राफेल, बन्दूक और यहाँ तक कि...

माँ है तो मैं हूँ, आप हैं और यह दुनिया है!

राहुल कुमार दोषीजन्म देने, पालने-पोसने,अपने हिस्से की रोटी-तरकारी-भात खिलाने, मेरे लिए औरों से झगड़ने, मेरी पढ़ाई के लिए सूद पर रुपया उठाने, बटाई...

कोरोना संकट के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था

राहुल मिश्राविश्वभर में मानव सभ्यता का सबसे बड़ा दुश्मन बन बैठे कोरोना वायरस संक्रमण के चलते विश्वभर की आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हुई...

कोरोना संकट के बीच कहीं शराब बिक्री समस्या न बन जाए

राहुल मिश्राविश्वभर में मानव सभ्यता का सबसे बड़ा दुश्मन बन बैठे कोरोना वायरस संक्रमण के चलते विश्वभर की आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हुई...